MBBS और BTech जैसे प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का ऐतिहासिक फैसला; आर्थिक तंगी के कारण अब नहीं छूटेगी पढ़ाई।
ओडिशा सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा और राहत देने वाला फैसला लिया है। नए निर्णय के अनुसार, राज्य के सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले SC और ST छात्रों को अब दाखिले के समय कोई एडमिशन फीस नहीं देनी होगी।
यह कदम मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा तब उठाया गया, जब उनके संज्ञान में आया कि कई प्रतिभावान छात्र कठिन प्रवेश परीक्षाएं पास करने के बाद भी केवल शुरुआती फीस का इंतजाम न कर पाने के कारण दाखिला लेने से वंचित रह जाते थे।
फैसले के मुख्य बिंदु और छात्रों को मिलने वाले लाभ
प्रोफेशनल कोर्सेज में प्रोत्साहन: इस योजना का सीधा उद्देश्य SC-ST वर्ग के युवाओं को MBBS, BDS, BE और B.Tech जैसे उच्च शिक्षा वाले प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रोत्साहित करना है।
समय पर आर्थिक राहत: आमतौर पर केंद्र और राज्य सरकार की स्कॉलरशिप आने में 3 से 4 महीने का समय लग जाता है। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को एडमिशन के समय फीस देने की जरूरत नहीं होगी; वे स्कॉलरशिप राशि मिलने के बाद आसानी से इसे समायोजित कर सकेंगे।
6 महीने तक की विशेष छूट: निर्देश के अनुसार, SC-ST विद्यार्थियों को दाखिले के समय के साथ-साथ प्रवेश के बाद अगले 6 महीनों तक फीस भुगतान में राहत दी जाएगी।
सभी सरकारी संस्थानों में लागू: यह नियम ओडिशा के सभी सरकारी मेडिकल, डेंटल और इंजीनियरिंग कॉलेजों पर समान रूप से लागू होगा।
जल्द जारी होगी विस्तृत गाइडलाइन
राज्य सरकार जल्द ही एक विस्तृत दिशा-निर्देश (Detailed Guidelines) जारी करेगी, जिसमें उन सभी विशिष्ट शुल्कों की सूची होगी जिन्हें इस छूट के तहत शामिल किया गया है। वर्तमान में चल रही मेडिकल और इंजीनियरिंग काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान यह फैसला हजारों परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत प्रदान करेगा।