संसदीय समिति ने जताई पीएमकेवीवाई के प्रदर्शन पर चिंता; फंड का पूरा इस्तेमाल न होना और युवाओं का ड्रॉपआउट बनी बड़ी वजह
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के चौथे चरण की तैयारियों के बीच इसके पिछले चरणों के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। श्रम, कपड़ा एवं कौशल विकास पर संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, योजना के तीसरे चरण (PMKVY 3.0) के तहत प्रमाणित उम्मीदवारों में से केवल 7 प्रतिशत को ही रोजगार मिल पाया है। 21 जुलाई 2023 को संसद में प्रस्तुत इस रिपोर्ट में योजना के कार्यान्वयन, वित्तीय आवंटन के कम इस्तेमाल और युवाओं द्वारा बीच में ही प्रशिक्षण छोड़ने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
PMKVY 2.0 और 3.0: प्रशिक्षण बनाम रोजगार
रिपोर्ट में योजना के दूसरे और तीसरे चरण के आंकड़ों का तुलनात्मक विवरण सामने रखा गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रशिक्षित युवाओं को प्लेसमेंट दिलाने की दर में भारी गिरावट आई है:
| योजना का चरण | प्रमाणित उम्मीदवार | नियुक्ति पाने वाले उम्मीदवार | सफलता दर (प्लेसमेंट प्रतिशत) |
|---|---|---|---|
| PMKVY 2.0 | 91,38,665 | 21,32,715 | 23% |
| PMKVY 3.0 | 3,99,860 | 30,599 | 7% |
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने 15 जनवरी 2021 को 8 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के साथ PMKVY 3.0 की शुरुआत की थी, लेकिन केवल 3,99,860 को ही प्रमाणित किया जा सका। मंत्रालय ने इसके पीछे कोविड-19 महामारी को मुख्य वजह बताया है।
बजट का अधूरा इस्तेमाल और ड्रॉपआउट की समस्या
संसदीय समिति ने योजना के तहत आबंटित धन का पूरा उपयोग न हो पाने पर भी मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया है:
वित्तीय सुस्ती: वित्त वर्ष 2021-22 में 1,438 करोड़ रुपये के आवंटन के मुकाबले केवल 1,043.21 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। वहीं, अगले वित्त वर्ष में जारी 686.02 करोड़ रुपये में से 30 जून 2022 तक महज 294.98 करोड़ रुपये का ही वास्तविक इस्तेमाल हो पाया।
20% युवाओं ने छोड़ा कोर्स: समिति के अनुसार, तीनों चरणों को मिलाकर कुल नामांकित उम्मीदवारों में से लगभग 20 प्रतिशत ने प्रशिक्षण बीच में ही छोड़ दिया।
ड्रॉपआउट की वजहें: भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) के मूल्यांकन अध्ययन के मुताबिक—पारिवारिक व सामाजिक समस्याएं, बीमारी, प्रशिक्षण केंद्रों का घर से दूर होना और कौशल में कोई वास्तविक सुधार महसूस न होना जैसे कारण युवाओं को कोर्स छोड़ने पर मजबूर करते हैं।
संसदीय समिति की अहम सिफारिशें
समिति ने कौशल विकास मंत्रालय से ताकीद की है कि योजना के चौथे चरण (PMKVY 4.0) को शुरू करने से पहले इन सभी बाधाओं को गंभीरता से दूर किया जाए। समिति का कहना है कि सरकार को केवल प्रशिक्षण के आंकड़े बढ़ाने के बजाय युवाओं के प्लेसमेंट, स्वरोजगार और आबंटित बजट के अधिकतम उपयोग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।