15 सितंबर 2026: एक ही दिन में 132 अंक उछला भिवाड़ी का AQI, देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर शामिल; 34% से अधिक शहरों में हवा रही साफ।
नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा 15 सितंबर 2026 को जारी आंकड़ों के विश्लेषण से देश भर में वायु प्रदूषण के स्तर में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। राजस्थान का भिवाड़ी 214 AQI के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया, जहां वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। महज 24 घंटों में भिवाड़ी के प्रदूषण में 132 अंकों का भारी उछाल दर्ज किया गया है (14 सितंबर को यहां AQI 82 था)।
दूसरी ओर, सिक्किम का गंगटोक देश का सबसे साफ शहर रहा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया। यदि गंगटोक की तुलना भिवाड़ी से करें तो भिवाड़ी की हवा गंगटोक के मुकाबले 13.3 गुना अधिक प्रदूषित है।
आंकड़ों के अनुसार, आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (भिवाड़ी बॉर्डर-रीजन, पानीपत और हिसार) प्रमुख रूप से प्रभावित नजर आ रहे हैं:
भिवाड़ी (राजस्थान) – 214 (खराब)
लेह (लद्दाख) – 205 (खराब)
पानीपत (हरियाणा) – 179 (मध्यम)
खोरा (उत्तर प्रदेश) – 169 (मध्यम)
मंडी गोबिंदगढ़ (पंजाब) – 154 (मध्यम)
सहरसा (बिहार) – 144 (मध्यम)
कटक (ओडिशा) – 142 (मध्यम)
अगरतला (त्रिपुरा) – 140 (मध्यम)
बर्नीहाट (मेघालय) – 138 (मध्यम)
हिसार (हरियाणा) – 133 (मध्यम)
स्वास्थ्य चेतावनी: भिवाड़ी में प्रदूषण के महीन कणों (PM2.5) का प्रभाव बेहद खतरनाक स्तर पर है। यहां हवा में विषैले कणों की मौजूदगी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय सुरक्षित सीमा से 1,300% अधिक पाई गई है।
दिल्ली: पिछले 24 घंटों में दिल्ली के AQI में 19 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। 14 सितंबर के 79 AQI की तुलना में आज यह 98 दर्ज किया गया, हालांकि यह अभी भी 'संतोषजनक' श्रेणी में बना हुआ है। (उल्लेखनीय है कि 2026 में दिल्ली का सबसे साफ दिन 9 जुलाई को 48 AQI दर्ज हुआ था, जबकि सबसे खराब दिन 18 जनवरी को 440 AQI था।)
फरीदाबाद: 18 अंकों की वृद्धि के साथ AQI 123 (मध्यम) पर पहुंचा।
अन्य NCR शहर: नोएडा में AQI 123, ग्रेटर नोएडा में 114 और गुरुग्राम में 105 दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा देश के 231 शहरों से जुटाए गए डेटा के अनुसार:
साफ हवा (0-50 AQI): 34.2% शहर (79 शहर) — भोपाल, मुंबई (44), चंडीगढ़ (38), देहरादून, इंदौर, पुणे, जयपुर (63) आदि।
संतोषजनक (51-100 AQI): 55.4% शहर (128 शहर) — दिल्ली (98), लखनऊ (73), चेन्नई (90), हैदराबाद (52), पटना (77), गाजियाबाद (90) आदि।
मध्यम (101-200 AQI): 9.5% शहर (22 शहर) — फरीदाबाद, नोएडा, पानीपत, कटक आदि।
खराब (201-300 AQI): 0.9% शहर (2 शहर) — भिवाड़ी (214) और लेह (205)।
विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि भिवाड़ी, पानीपत, खोरा, बर्नीहाट, जींद, मानेसर, फरीदाबाद, नोएडा, चरखी दादरी और गुरुग्राम जैसे औद्योगिक व शहरी क्षेत्रों की हवा में सांस लेने में रुकावट डालने वाले PM2.5 कण हावी हैं। वहीं मंडी गोबिंदगढ़, सहरसा, अगरतला, ब्रजराजनगर, बागपत, ग्रेटर नोएडा और अलवर में PM10 के कारण वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
| AQI सीमा | श्रेणी (Category) | स्वास्थ्य पर प्रभाव |
|---|---|---|
| 0 – 50 | बेहतर (Good) | न्यूनतम प्रभाव |
| 51 – 100 | संतोषजनक (Satisfactory) | संवेदनशील लोगों को हल्की सांस की तकलीफ |
| 101 – 200 | मध्यम (Moderate) | फेफड़े व हृदय रोगियों को सांस में असुविधा |
| 201 – 300 | खराब (Poor) | लंबे समय तक रहने पर अधिकतर लोगों को सांस की तकलीफ |
| 301 – 400 | बेहद खराब (Very Poor) | श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा |
| 401 – 500 | गंभीर (Severe) | स्वस्थ लोगों पर भी बुरा असर, मरीजों के लिए जानलेवा |