'पे-लेवल 9, राज्य सेवा का दर्जा और सुरक्षा की मांग: सरकार को आंदोलन की चेतावनी'
अरवल जिले के कुर्था में ग्रामीण विकास सेवा संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार होने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों ने 21 सितंबर से सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि बार-बार ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
संघ ने अपनी सेवा शर्तों में सुधार और प्रशासनिक सुरक्षा को लेकर सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं:
पे-लेवल 9 से एंट्री: ग्रामीण विकास सेवा के अधिकारियों का शुरुआती वेतनमान बढ़ाकर पे-लेवल 9 से शुरू करने की मांग की गई है।
राज्य सेवा का दर्जा: ग्रामीण विकास सेवा को पूर्ण रूप से राज्य सेवा घोषित करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग।
सुरक्षा व्यवस्था: ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक और प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की अपील।
समयबद्ध प्रोन्नति (Promotion): अधिकारियों के पदोन्नति मामलों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निपटाने की मांग।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने और ग्रामीणों तक उनका लाभ पहुंचाने में मुख्य कड़ी का काम करते हैं।
| प्रमुख पहलू | वर्तमान स्थिति एवं मांग |
|---|---|
| महत्वपूर्ण भूमिका | जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं का ज़मीनी कार्यान्वयन। |
| कार्यस्थल की चुनौतियां | ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक दबाव और सुरक्षा जोखिमों का सामना। |
| प्रशासनिक मांग | सेवा शर्तों, वेतनमान और पद संरचना की व्यापक समीक्षा। |
21 सितंबर से शुरू होने वाले इस सामूहिक अवकाश के कारण ग्रामीण विकास विभाग का काम पूरी तरह से ठप होने की आशंका है। इससे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो सकता है। संघ ने सरकार से अपील की है कि आंदोलन की नौबत आने से पहले ही मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर कोई सकारात्मक समाधान निकाला जाए।