"सांसों पर भारी पड़ती हवा: जानिए आपके शहर की हवा कितनी साफ या जहरीली, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा।"
देश भर में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर चिंताजनक मोड़ ले रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा 4 अक्टूबर 2026 को जारी 246 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया है। नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 281 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। केवल 24 घंटों के भीतर नोएडा के AQI में 77 अंकों का भारी उछाल आया है (3 अक्टूबर को AQI 204 था)।
नोएडा की हवा में प्रदूषण के अति-सूक्ष्म कण (PM10) पूरी तरह हावी हैं। आलम यह है कि यहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 500 प्रतिशत (5 गुना) अधिक पहुंच गया है।
देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में अकेले उत्तर प्रदेश के 7 शहर शामिल हैं। बिहार का सहरसा दूसरे स्थान पर है।
| रैंक | शहर | राज्य | AQI (4 अक्टूबर 2026) | श्रेणी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | नोएडा | उत्तर प्रदेश | 281 | खराब |
| 2 | सहरसा | बिहार | 268 | खराब |
| 3 | बुलंदशहर | उत्तर प्रदेश | 260 | खराब |
| 4 | गजरौला | उत्तर प्रदेश | 255 | खराब |
| 5 | गाजियाबाद | उत्तर प्रदेश | 248 | खराब |
| 6 | फरीदाबाद | हरियाणा | 224 | खराब |
| 7 | हापुड़ | उत्तर प्रदेश | 222 | खराब |
| 8 | भिवाड़ी | राजस्थान | 219 | खराब |
| 9 | बागपत | उत्तर प्रदेश | 212 | खराब |
| 10 | शामली | उत्तर प्रदेश | 212 | खराब |
ध्यान दें: इनके अलावा मोदीनगर और मेरठ में भी AQI 200 के पार 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है।
कैथल सबसे साफ: जहां नोएडा की स्थिति बेहद चिंताजनक है, वहीं हरियाणा का कैथल (AQI 31) देश का सबसे साफ हवा वाला शहर रहा। नोएडा की तुलना कैथल से करें तो नोएडा में स्थिति 9 गुना अधिक खराब है।
दिल्ली का हाल: राजधानी दिल्ली में AQI कल के 171 से 16 अंक बढ़कर 187 पर पहुंच गया है, जो 'मध्यम' श्रेणी में है। (ज्ञात हो कि वर्ष 2026 में दिल्ली का सबसे साफ दिन 9 जुलाई था जब AQI 48 था, जबकि 18 जनवरी 2026 को AQI 440 के साथ साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज हुआ था)।
फरीदाबाद में अचानक उछाल: फरीदाबाद में AQI कल के 139 से 85 अंक उछलकर 224 पर पहुंच गया, जिससे वहां की हवा 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी में चली गई है।
CPCB द्वारा ट्रैक किए गए 246 शहरों का कुल विश्लेषण राहत और चिंता दोनों के संकेत देता है:
साफ/बेहतर हवा (0-50 AQI): 8.5% शहर (21 शहर) — जैसे: कैथल, ऋषिकेश, शिलांग, सिलीगुड़ी, तिरुवनंतपुरम, पुडुचेरी, कोल्हापुर आदि।
संतोषजनक हवा (51-100 AQI): 50% शहर (123 शहर) — जैसे: मुंबई (92), पटना (90), चंडीगढ़ (89), चेन्नई (75), हैदराबाद (73), गुवाहाटी (73)।
मध्यम हवा (101-200 AQI): 36.5% शहर (90 शहर) — जैसे: दिल्ली (187), जयपुर (105), लखनऊ (117), ग्वालियर (111)।
खराब हवा (201-300 AQI): 5% शहर (12 शहर) — नोएडा, सहरसा, बुलंदशहर, गजरौला, गाजियाबाद, फरीदाबाद आदि।
0 से 50 (बेहतर): हवा एकदम साफ, सेहत के लिए आदर्श।
51 से 100 (संतोषजनक): संवेदनशील लोगों को मामूली असुविधा।
101 से 200 (मध्यम): फेफड़े व दिल के मरीजों और बच्चों को सांस लेने में दिक्कत।
201 से 300 (खराब): लंबे समय तक संपर्क में रहने पर किसी भी व्यक्ति को सांस की बीमारी हो सकती है।
301 से 400 (बहुत खराब): गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियां।
401 से 500 (गंभीर): स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी बेहद खतरनाक और जानलेवा स्थिति।
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