"₹50 की नौकरी से होटल साम्राज्य और ₹80 से करोड़ों के ब्रांड तक: जानिए NCERT के नए सिलेबस में विकसित भारत और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय।"
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूली शिक्षा को आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। NCERT ने कक्षा 9वीं की सोशल साइंस की नई किताब में 'स्टार्टअप, बिजनेस, टैक्सेशन और एंटरप्राइज' से जुड़े व्यावहारिक विषयों को शामिल किया है।
अब छात्रों को सिर्फ सैद्धांतिक या किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें देश के आधुनिक आर्थिक तंत्र (Modern Economic Culture) और उद्यमिता (Entrepreneurship) की समझ से भी जोड़ा जाएगा।
क्लास 9वीं के सोशल साइंस के नए पाठ्यक्रम 'Understanding Society: India and Beyond' के तहत यह विशेष अध्याय जोड़ा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में शुरुआत से ही नवाचार (Innovation) और आत्मनिर्भरता की सोच विकसित करना है।
एडवांस्ड इकोनॉमिक्स: इसमें भारत के तेज़ी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) को आसान भाषा में समझाया गया है।
कराधान और उद्यमशीलता: टैक्स व्यवस्था और व्यापार (Taxation & Enterprise) के सिद्धांतों को 'विकसित भारत 2047' और 'आत्मनिर्भर भारत' के राष्ट्रीय विजन से जोड़कर पेश किया गया है।
व्यावहारिक सीख: पाठ का उद्देश्य छात्रों को यह सिखाना है कि सही प्लानिंग, उच्च गुणवत्ता और निरंतर परिश्रम के बल पर किसी छोटे विचार (Small Business Idea) को भी विशाल साम्राज्य में बदला जा सकता है।
छात्रों को बिजनेस के व्यावहारिक पहलुओं को समझाने के लिए देश के दो बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड्स की सफलता की वास्तविक कहानियों को शामिल किया गया है:
किताब में ओबेरॉय होटल चेन के संस्थापक मोहन सिंह ओबेरॉय की जीवन यात्रा को रेखांकित किया गया है। 1898 में पंजाब में जन्मे ओबेरॉय ने अपने करियर की शुरुआत महज ₹50 प्रति माह की मामूली नौकरी से की थी। अपनी लगन, दूरदर्शिता और बेहतरीन हॉस्पिटैलिटी के दम पर उन्होंने दुनिया भर में मशहूर 'ओबेरॉय होटल्स' साम्राज्य खड़ा किया।
इसी तरह 'श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़' की प्रेरक कहानी को सिलेबस का हिस्सा बनाया गया है।
शुरुआत: वर्ष 1959 में मुंबई की एक चाल में रहने वाली 7 साधारण महिलाओं ने महज ₹80 उधार लेकर पापड़ बनाने का काम शुरू किया था।
संघर्ष से सफलता: बिना किसी फैक्ट्री या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के, उन्होंने घर की छतों से काम शुरू किया।
सीख: यह कहानी छात्रों को सिखाती है कि सीमित संसाधनों और कम पूंजी में भी यदि ईमानदारी और निरंतरता हो, तो एक छोटा सा विचार हजारों महिलाओं को रोजगार देने वाला बड़ा ब्रांड बन सकता है।
व्यावहारिक दृष्टिकोण: छात्रों को वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से अर्थशास्त्र और व्यापार के सिद्धांत समझ आएंगे।
आत्मनिर्भरता की प्रेरणा: नौकरी खोजने वाले बनने के बजाय 'जॉब क्रिएटर' (Job Creator) बनने की सोच को बढ़ावा मिलेगा।
करियर ओरिएंटेड एजुकेशन: यह बदलाव स्कूली शिक्षा को आज के बदलते डिजिटल और स्टार्टअप दौर के अनुकूल बनाता है।
#एनसीईआरटी #कक्षा9सोशलसाइंस #एनईपी2020 #स्टार्टअपइंडिया #विकसितभारत2047 #आत्मनिर्भरभारत #ओबेरॉयहोटल्स #लिज्जतपापड़ #एंटरप्रेन्योरशिप #शिक्षासमाचार
#NCERTClass9 #NEP2020 #StartupEcosystem #ViksitBharat2047 #AtmanirbharBharat #LizzatPapad #OberoiHotels #SocialScienceSyllabus #SchoolEducation #EntrepreneurshipEducation