Planting trees today for a greener, safer, and sustainable future.

कानपुर देहात के रनिया वृद्धाश्रम में डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

वरिष्ठ नागरिकों को मिला डिजिटल सुरक्षा का कवच: एमएलसी अविनाश सिंह चौहान ने बुजुर्गों को साइबर धोखाधड़ी से बचने और नई तकनीक अपनाने का दिया संदेश।

 

 

कानपुर देहात के रनिया स्थित वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के सशक्तिकरण और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक विशेष डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना और उन्हें लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना था।

मुख्य अतिथि एमएलसी अविनाश सिंह चौहान का सम्बोधन

कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य (MLC) अविनाश सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

विकसित भारत अभियान: अपने सम्बोधन में उन्होंने 'डिजिटल साक्षरता' और 'विकसित भारत अभियान' के राष्ट्रीय उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

तकनीकी जुड़ाव: एमएलसी चौहान ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को नई तकनीकों से न डरने और उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

साइबर सुरक्षा का पाठ: उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को सरल भाषा में साइबर धोखाधड़ी की पहचान करने और उनसे सुरक्षित रहने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।

व्यावहारिक प्रशिक्षण और मुख्य विषय

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली डिजिटल सेवाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया:

स्मार्टफोन और मोबाइल बैंकिंग: सुरक्षित तरीके से मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल और डिजिटल पेमेंट ऐप चलाने की प्रक्रिया।

सुरक्षित डिजिटल लेनदेन: ओटीपी (OTP), पिन (PIN) या व्यक्तिगत जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करने के नियम।

साइबर फ्रॉड से बचाव: फर्जी कॉल, लॉटरी-संदेशों और संदिग्ध लिंक से दूर रहने के सुरक्षा उपाय।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस डिजिटल साक्षरता अभियान में प्रशासन, कौशल विकास और वृद्धाश्रम से जुड़े कई प्रमुख अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे:

प्रशासनिक एवं कौशल विकास अधिकारी: नोडल प्रधानाचार्य कपिल मिश्र, कार्यदेशक अनिल चन्द्र श्रीवास्तव, सुरेश दत्त तिवारी और कौशल विकास मैनेजर कृष्ण कुमार साहू।

वृद्धाश्रम प्रबंधन एवं संचालन टीम: प्रबंधक एस. डी. काला, संचालक राजेन्द्र सिंह, रिषभ तिवारी तथा राम जी दुबे।

निष्कर्ष

यह कार्यक्रम केवल तकनीक सिखाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने वरिष्ठ नागरिकों में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें डिजिटल युग में सुरक्षित व आत्मनिर्भर महसूस कराने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास किया।

#DigitalLiteracy #CyberSafety #SeniorCitizens #KanpurDehat #ViksitBharat #DigitalIndia #FinancialLiteracy #CyberAwareness #डिजिटल_साक्षरता #साइबर_सुरक्षा #कानपुर_देहात #वृद्धाश्रम

Latest Blogs