"पारंपरिक कला को नया मंच और वैश्विक पहचान—झारखंड के शिल्पकारों के लिए सशक्तिकरण का सुनहरा अवसर!"
झारखंड के स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जमशेदपुर की अरका जैन यूनिवर्सिटी में छह दिवसीय उद्यमिता विकास शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया है। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट ब्लॉक में 10 अक्टूबर तक चलेगी।
इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के फैशन डिजाइन विभाग और स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
इस उद्घाटन समारोह में देश और क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित लोगों ने शिरकत की, जिनमें प्रमुख हैं:
संदीप कुमार (क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय)
स्मिता वर्मा (प्रतिनिधि, टाटा स्टील फाउंडेशन)
डॉ. अंगद तिवारी (प्रो वाइस-चंसलर, अरका जैन यूनिवर्सिटी)
व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण: इस छह दिवसीय शिविर में विशेषज्ञ कारीगरों को सरकारी योजनाओं, जीएसटी, बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल मार्केटिंग और निर्यात प्रबंधन की बेहद उपयोगी व्यावहारिक जानकारी दे रहे हैं।
डिजाइन इनोवेशन: विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन इनोवेशन और वैश्विक बाजार से जुड़ने के गुर सिखाए जा रहे हैं, ताकि झारखंड की पारंपरिक कला को एक आधुनिक मंच और नई पहचान मिल सके।
स्थानीय हुनर को बढ़ावा: इस पहल का मुख्य लक्ष्य राज्य के पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना और उन्हें व्यवसाय की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराना है।
#अरकाजैनयूनिवर्सिटी #उद्यमिताविकास #झारखंडकारीगर #आत्मनिर्भरभारत #हस्तशिल्प #डिजिटलमार्केटिंग #झारखंडन्यूज #वोकलफॉरलोकल
#ArkaJainUniversity #Entrepreneurship #JharkhandArtisans #AatmanirbharBharat #Handloom #DigitalMarketing #SkillDevelopment #VocalForLocal