"उच्च शिक्षा के डिजिटलीकरण के मोर्चे पर सरकार की रणनीति में बड़ा बदलाव आया है, जहां पुरानी केंद्रीय योजना को रोककर अब MeitY के नए प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।"
कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने देश में डिजिटल शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी (National Digital University) बनाने की एक बड़ी योजना का ऐलान किया था। वित्त वर्ष 2022-23 के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की थी। हालांकि, अब यह जानकारी सामने आई है कि शिक्षा मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को बिना किसी सार्वजनिक घोषणा के चुपचाप बंद कर दिया है। यह बदलाव तब आया जब एक अन्य केंद्रीय मंत्रालय ने इसी तरह का एक अलग डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म शुरू कर दिया।
2022 में तैयार की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा राष्ट्रीय उच्च शिक्षा प्लेटफॉर्म तैयार करना था, जहां देश के शीर्ष सरकारी विश्वविद्यालयों के कोर्स और डिग्रियां एक ही जगह मिल सकें।
क्षेत्रीय भाषाएं और हब-स्पोक मॉडल: इस यूनिवर्सिटी को क्षेत्रीय भाषाओं में छात्रों की जरूरत के मुताबिक शिक्षा प्रदान करनी थी। यह “नेटवर्क वाले हब-स्पोक मॉडल” पर काम करने वाली थी, जिसमें आईआईटी मद्रास, दिल्ली यूनिवर्सिटी, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी खड़गपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान केंद्रीय हब के रूप में जुड़ते।
बजट में कटौती: इस प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार का अंदाजा इसके बजट आवंटन से भी लगाया जा सकता है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे संशोधित करके 25 करोड़ कर दिया गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में इसके लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने में तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें आ रही थीं। इसी बीच, तीन साल बाद 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने अपने स्वायत्त संस्थान NIELIT (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के माध्यम से एक नया डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया।
NIELIT डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म की खासियत: यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंडस्ट्री 4.0 और सेमीकंडक्टर जैसी उभरती हुई डिजिटल तकनीकों और इंडस्ट्री की जरूरतों पर आधारित कौशल (Skills) पर केंद्रित है।
डिम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी का दर्जा: जुलाई 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने NIELIT रोपड़ और इसकी 11 इकाइयों को डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया था, जिसके बाद अक्टूबर 2025 में इस प्लेटफॉर्म को आधिकारिक रूप से शुरू किया गया। यह पारंपरिक कोर्सेस के मुकाबले पूरी तरह से रोजगार और आधुनिक तकनीकी शिक्षा पर फोकस करता है।
यद्यपि शिक्षा मंत्रालय की मूल नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी की परिकल्पना कागजों से आगे नहीं बढ़ पाई और तकनीकी-प्रशासनिक अड़चनों के कारण इसे बंद कर दिया गया, लेकिन सरकार अब MeitY के जरिए संचालित NIELIT प्लेटफॉर्म के माध्यम से तकनीकी और कौशल-आधारित डिजिटल शिक्षा को आगे बढ़ा रही है। चूंकि अधिकांश उच्च शिक्षा संस्थानों ने पहले ही अपने स्तर पर ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार कर लिया है, इसलिए सरकार का यह नया रुख व्यावहारिक जरूरतों और इंडस्ट्री की मांग के अधिक अनुकूल प्रतीत होता है।
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