विश्व बैंक (World Bank) की 'वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2023' के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ती बुजुर्ग आबादी और घटती कार्यशील जनसंख्या (Working-age population) के कारण भविष्य में कुशल श्रमिकों और प्रतिभाओं के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा (Global talent competition) काफी तेज होगी।
विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र (UN) की हालिया रिपोर्टों से वैश्विक आबादी के संतुलन में बड़े बदलाव के संकेत मिलते हैं:
विकसित देशों में आबादी का ह्रास: विकसित देशों में कार्यशील वयस्कों की हिस्सेदारी तेजी से घट रही है और बुजुर्गों (65 वर्ष से अधिक) का अनुपात बढ़ रहा है।
उदाहरण (स्पेन): स्पेन की आबादी में इस सदी के अंत तक एक-तिहाई से अधिक की गिरावट आ सकती है, और बुजुर्गों की आबादी वर्तमान 20% से बढ़कर 39% होने का अनुमान है।
अन्य देश: मेक्सिको, थाईलैंड, ट्यूनीशिया और तुर्की जैसे देशों की जनसंख्या वृद्धि स्थिर हो गई है, जिससे उन्हें जल्द ही विदेशी श्रमिकों की आवश्यकता होगी।
विकासशील देशों में युवा आबादी: भारत जैसे विकासशील और निम्न/मध्यम आय वाले देशों में युवा आबादी में वृद्धि हो रही है। इन देशों पर युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित करने का दबाव बढ़ेगा।
प्रवासियों की वर्तमान स्थिति: विश्व भर में लगभग 18.4 करोड़ लोग (जिनमें 3.7 करोड़ शरणार्थी शामिल हैं) ऐसे देशों में रह रहे हैं, जहाँ की उनके पास नागरिकता नहीं है। इनमें से 43% निम्न और मध्यम आय वाले देशों में निवास करते हैं।
रिपोर्ट में प्रवासन (Migration) के प्रबंधन और इससे मिलने वाले लाभों को अधिकतम करने के लिए 'मैच-मोटिव फ्रेमवर्क' का प्रस्ताव रखा गया है:
मैच (Match): यह श्रम अर्थशास्त्र पर आधारित है। यह दर्शाता है कि प्रवासियों के कौशल (Skills) गंतव्य देश (Destination Country) की आवश्यकताओं के साथ कितने सटीक बैठते हैं। जितना बेहतर 'मैच' होगा, लाभ उतना ही अधिक होगा।
मोटिव (Motive): यह उन परिस्थितियों और कारणों को संदर्भित करता है जिनके तहत कोई व्यक्ति प्रवास करता है (जैसे आर्थिक अवसर, सुरक्षा या मजबूरी)।
| देश का प्रकार | सिफारिशें और नीतियां |
|---|---|
| मूल देश (Origin Countries) | प्रवासन को अपनी राष्ट्रीय विकास रणनीति (Development Strategy) का स्पष्ट हिस्सा बनाएं। श्रमिकों के कौशल विकास और विदेशी प्रेषण (Remittances) का बेहतर उपयोग करें। |
| गंतव्य देश (Destination Countries) | जहाँ कुशल श्रम की मांग है, वहाँ प्रवासन को प्रोत्साहित करें। नए प्रवासियों के समावेशन की प्रक्रिया आसान बनाएं और स्थानीय नागरिकों की सामाजिक चिंताओं का समाधान करें। |
| अंतर्राष्ट्रीय सहयोग | द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौतों के माध्यम से श्रम प्रवासन को सुव्यवस्थित करें और शरणार्थियों के लिए न्यायसंगत नीतियां बनाएं। |
मजदूरी, अवसरों, जनसांख्यिकी और जलवायु संबंधी लागतों में बढ़ते अंतर के कारण प्रवासन का मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। यदि प्रवासन का बेहतर प्रबंधन किया जाए, तो यह मूल देशों (जहाँ से लोग जाते हैं) और गंतव्य देशों (जहाँ लोग बसते हैं) दोनों की आर्थिक विकास सम्बन्धी आवश्यकताओं को संतुलित कर सकता है।